कश्मीर में हिंसा जारी, डोभाल स्वदेश लौटे


श्रीनगर/नयी दिल्ली :
कश्मीर घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की शुक्रवार को एक मुठभेड़ में मौत होने के बाद सुरक्षा कर्मियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच शुरू हुआ झड़पों का सिलसिला लगातार तीसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा। इस हिंसा में नौ और लोगों के मारे जाने बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 30 हो गयी है। अलगाववादी प्रायोजित हड़ताल और कर्फ्यू जैसी पाबंदियों के चलते कश्मीर घाटी में सामान्य जनजीवन पंगु हो गया है। भीड़ ने सोपोर में एक थाने को फूंक दिया और पुलवामा में वायुसेना के हवाईअड्डे को निशाना बनाया। इस बीच हिंसा पर काबू पाने के प्रयासों में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल केन्या से स्वदेश लौट गये। केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों से और 800 जवानों को जम्मू कश्मीर भेजा जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित विपक्षी नेताओं से सम्पर्क कर मौजूदा स्थिति पर उनसे चर्चा की। अमरनाथ यात्रा सोमवार को भी स्थगित रही।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रविवार रात से हिंसक घटनाओं में मारे गये लोगों में 6 लोग कुलगाम के तथा एक एक शोपियां, पुलवामा और अनंतनाग के थे। नौगाम शहर में प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने सोमवार को आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार सुबह पुलवामा के कोइल में प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने वायुसेना के हवाईअड्डे की तरफ पथराव किया। उन्होंने हवाईअड्डा परिसर के भीतर सूखी घास को भी आग लगा दी। सुरक्षाबलों ने भीड़ को भगाने का प्रयास किया लेकिन हमलावर फिर फिर लौटकर पथराव करते रहे। पथराव की घटनाएं सोपोर, हंदवारा, बंदीपुरा और बारामुला में दर्ज की गयी। प्रदर्शनकारियों ने सोपोर में एक फल मंडी स्थित थाने में आग लगा दी हालांकि वहां तैनात कर्मी, हथियार और दस्तावेज आग से बच गये।
इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल को मौजूदा हालात के मद्देनजर स्वदेश लौटने का निर्देश दिया गया। कश्मीर में स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने विस्तार से चर्चा तो नहीं की लेकिन स्थिति के 72 घंटों के भीतर नियंत्रण में आने का भरोसा जताया। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ दो बार बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ फोन पर बातचीत में वहां के हालात पर चर्चा की हालांकि उमर ने बाद में कहा कि उन्होंने केंद्र को बताया है कि जब तक सुरक्षाबल अधिकतम संयम नहीं बरतते और प्रदर्शनकारियों को मारना बंद नहीं करते, हिंसा नहीं रुकेगी। सुबह की बैठक के बाद सिंह ने शाम को एक बार फिर उच्चस्तरीय बैठक की जिसमें रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर,वित्तमंत्री अरुण जेटली, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गृह सचिव राजीव महर्षि और खुफिया एजेन्सियों के प्रमुखों के साथ साथ गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में स्थिति से निपटने के लिए सेना की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हालांकि घाटी में दो दर्जन से अधिक जगहों से आगजनी और भीड़ के हमले की घटनाओं की रपटें हैं लेकिन हालात ‘नियंत्रण’ में है। कुपवाड़ा जिले में त्रेहगाम, करालपोरा, विलगाम, वारपोरा, लैनगेट और करालगुंड, बारामुला में शीरी, सीमेंट ब्रिज और खानपुरा, गंदरबल में प्रेंग, श्रीनगर में हैदरपुरा, बघाट बारजुला, तेंगपुरा और रामबाग, पुलवामा में तहब व प्रिछू, कुलगाम में यारीपुरा, अनंतनाग में संगम व बिजबेहारा, सोफिया में इमामसाहिब व गगरान और बंदीपुरा में पोपचान, कोइल, हाजिन व कलूसा में पथराव की घटनाएं हुईं। शुक्रवार से ही दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में मोबाइल टेलीफोन सेवा निलंबित रखा गया है। साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित हैं।
श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों सहित घाटी के कई हिस्सों में लोगों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी जारी है। अधिकारियों ने शहर के संवेदनशील इलाकों और घाटी में अन्य जगहों पर सुरक्षाबलों की तादाद बढ़ायी है औरजानमाल के नुकसान से बचने के लिए सख्त उपाय किये हैं। घाटी में और 800 जवान भेजे जा रहे हैं। वहां 1200 जवान पहले ही भेजे जा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को भी दुकानें, निजी कार्यालय, कारोबारी प्रतिष्ठान और पेट्रोल पंप बंद रहे जबकि सरकारी कार्यालय और बैंकों में मामूली उपस्थिति दर्ज की गयी। सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह से ठप रहा। गर्मी की छुट्टियां होने की वजह से घाटी में शैक्षणिक संस्थान बंद हैं जबकि कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय, इस्लामिक युनिवर्सिटी आफ साइंसेज एंड टेक्नोलाजी और जम्मू एंड कश्मीर बोर्ड आफ स्कूल एजुकेशन ने हालात के मद्देनजर परीक्षाएं टाल दी हैं। सय्यद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक सहित ज्यादातर अलगाववादी नेता हिरासत में हैं या फिर नजरबंद हैं।इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी,जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और अन्य विपक्षी नेताओं से फोन पर बात की। उन्होंने एक उच्चस्तरीय बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कश्मीर की स्थिति की समीक्षा भी की। गृहमंत्री ने सोनिया गांधी और अब्दुल्ला से घाटी में शांति बनाये रखने में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात कर केंद्र की तरफ से हर संभव सहयोग की पेशकश की। बैठक में गृह सचिव राजीव महर्षि, खुफिया एजेंसियों तथा गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कश्मीर घाटी को देश के शेष हिस्से से जोड़ने वाले श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के पिछले तीन से बंद रहने के कारण पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन कर लौटे हजारों श्रद्धालुओं को जम्मू, बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों में रोक कर रखा गया है। जम्मू में भगवतीनगर आधार शिविर से श्रद्धालुओं को आगे अमरनाथ यात्रा के लिए भी नहीं जाने दिया जा रहा है। आधार शिविरों में फंसे श्रद्धालुओं को सारी सुविधायें मुहैया करायी जा रही हैं।

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